दलित व्यक्ति की हत्या आशिक कुरैशी और उसके गुंडों ने की, नफरत फैलाने वालों के द्वारा बदनाम किए गए ठाकुर

सागर: मध्यप्रदेश के सागर में दलित व्यक्ति की निर्मम हत्या और उसके बाद उसकी भतीजी की मौत के मामले में पूरे प्रदेश में ग़ुस्सा है। मध्यप्रदेश समेत पूरे देश इस घटना पर प्रतिक्रिया आई है। क़रीब 8 माह पूर्व मृतका अंजना अहिरवार के भाई नितिन अहिरवार की भी दबंगों ने निर्ममता से हत्या कर दिया था। उसके बाद अब राजेंद्र की हत्या कर दी गई और अंजना की शव वाहन से गिरकर मौत हो गई।अब लोग कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। एक तरफ जहां घटना को लेकर सर्व समाज में आक्रोश है वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग सोशल मीडियम पूरे मामले को ठाकुर VS दलित बताकर लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। इस घटना को अगस्त में मृतका के भाई की हत्या से जोड़कर दिखाया जा रहा है। जबकि दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं। यह मामला बेहद वीभत्स है। हैवान किसी भी जाति समाज से हों उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन सोशल मीडिया में झूठ के आधार पर जातीय नफरत फैलाना भी समाज में जहर घोलने जैसा है। आइए आज आपको इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हैं।

अगस्त माह में हुई थी भाई की हत्या
24 अगस्त 2023 को अंजना अहिरवार के साथ गांव के कुछ मनचले गुंडों ने छेड़छाड़ की। सागर के बरोदिया नौनागिर बस स्टैंड के पास लालू उर्फ नितिन अहिरवार के साथ गुंडों ने मारपीट की। मारपीट में आई गंभीर चोटों से नितिन की दर्दनाक मौत हो गई। बीच बचाव करने आई मां को हैवानों ने निर्वस्त्र कर पीटा था। इस घटना में इस्लाम खान, विक्रम लोधी, अभिषेक रैकवार, फरीम खान, सुशील सोनी समेत 9 बदमाश गिरफ्तार किए गए थे। इस हत्याकांड का पूरे मध्यप्रदेश में विरोध हुआ था। सभी ने मृतक के किए न्याय की मांग की।

शनिवार को यह हुआ
शनिवार को अंजना अहिरवार के चाचा राजेंद्र अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। एडिशनल एसपी संजीव उईके ने कहा कि बरोदिया नौनागिर के ही पप्पू रजक और राजेंद्र के बीच कोई पुरानी रंजिश चल रही थी। करीब 6 माह पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था। जिसमें राजेंद्र अहिरवार और विष्णु के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले के राजीनामा करने मी बातचीत के दौरान विवाद हो गया। जिसमें राजेंद्र अहिरवार की मौत हो गई।

वहीं खुरई अस्पताल में भर्ती घायल पप्पू पिता आलम रजक ने भी कहा कि करीब 6 माह पहले राजेंद्र और विष्णु ने मेरे साथ मारपीट की थी। इसी मामले में राजीनामा को लेकर राजेंद्र दबाव बना रहा था। राजीनामा करने की बात को लेकर शनिवार की रात मारपीट हो गई। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने आशिक कुरैशी, बबलू बेना, इसराइल बेना, फहीम खान और टंटू कुरैशी को आरोपी बनाया है।

मौत से एक घंटे पहले अंजना ने क्या कहा

लड़की और उसके चाचा की मौत के बाद ट्विटर के जातीय नफरत फैलाने वाला गिरोह सक्रिय हो गया।हंसराज मीणा के ट्रिबल आर्मी नाम से चलने वाले हैंडल से पूरे मामले में ठाकुरों को घसीटा गया, जबकि लड़की के भाई की हत्या में मुस्लिम और लोधी (दांगी) शामिल थे। ट्रिबल  वहीं शनिवार को चाचा की हत्या में आरोपी सभी मुस्लिम थे। उसके बावजूद इस मामले को जातीय रंग देने की कोशिश की गई।

मरने से पहले लड़की ने भी आरोपी लालू ख़ान पर ही धमकाने का आरोप लगाया। सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी के बाहर रविवार को अंजना ने कहा था कि अगस्त 2023 को मेरे भाई नितिन अहिरवार की हत्या हुई थी। जिसमें राजेंद्र चाचा मुख्य गवाह थे। आरोपी लालू खान अंदर हैं। उसके पापा मेरे चाचा को धमका रहे थे कि उनके पक्ष में गवाही देना, नहीं तो जान से मार देंगे। इस दर्दनाक घटना में सभी आरोपियों को कड़ी सजा की मांग करते हैं। लेकिन झूठ के आधार पर जातीय नफरत फैलाने वालो की सच्चाई सामने लाना भी हमारा पत्रकारिता धर्म है।